कभी लगता है कि सब कुछ है अपना कभी लगता है कि सब कुछ है पराया दुनिया में,
सचमुच कभी बहुत अच्छी लगती है धूप तो कभी बहुत अच्छी लगती है छाया दुनिया में,
है कभी लगता जीवन तो कभी लगता है कि बस मौत का है चारों तरफ साया दुनिया में,
कभी सुख दुख लगते अपने तो कभी लगता है कि सुख-दुख है एक झूठी माया दुनिया में|
-मनस्व
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