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झेलता रहा दंश

                
                                                         
                            परशुराम से शिक्षा लेने के लिए कर्ण ने कहा कि नहीं है उसका क्षत्रिय कुल या वंश,
                                                                 
                            
जबकि था वह असल में क्षत्रिय ही माता कुंती की कोख से जन्मा सूर्य का अंश,
किंतु तब वह पकड़ा गया जब एक बार गुरु परशुराम की सेवा करते हुए,
अपने जांघ पर एक भयंकर किट का बिन कराहे झेलता रहा घंटो दंश|
-मनस्व
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एक महीने पहले

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