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जनता जब आवाज उठाती है होकर संगठित

                
                                                         
                            देश में कुछ अप्रिय घटना को लेकर जनता जब आवाज उठाती है होकर संगठित,
                                                                 
                            
तब नेताजी आनन फानन में जांच के लिए अपनी ओर से एक टीम कर देते हैं गठित,
किंतु नेताजी को यह भी समझना चाहिए कि उनकी नौकरशाही प्रवृत्ति वाले,
देश के विभिन्न कर्मचारियों से कहीं अधिक क्यों इस देश को तोड़ने वालो की टीम है सुसंगठित|
-मनस्व
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एक महीने पहले

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