आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

गिरना ही होगा भूतल पर

                
                                                         
                            दोनों में से कोई भी नहीं है पीछे हटने को तैयार,
                                                                 
                            
दोनों में से कोई नहीं है अपनी मानने को हार|
रावण और राम के बीच हो रहे भयानक युद्ध में,
दोनों ही ओर से हो रहा है बाणो का बौछार||

एक से बढ़कर एक तीर रखे हैं दोनों के ही म्यान में,
लड़ते-लड़ते दोनों पहुंच गए हैं जमीन से आसमान में|
कौन है धर्म की ओर और कौन है पाप की ओर,
राम रावण दोनों को ही है अच्छी तरह से ध्यान में||

एक को है धर्म में विश्वास एक को है भुजा बल पर,
युद्ध अंतिम स्थिति में है नहीं टाला जा सकता है कल पर|
राम और रावण के अंतिम युद्ध में जो भी आज हारेगा,
आसमान से फिर से उसको आकर गिरना ही होगा भूतल पर||
-मनस्व
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक घंटा पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर