आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

एक साथ खड़े होकर अधिक से अधिक मात्रा में

                
                                                         
                            क्यों बढ़ रही बेरोजगारी क्यों अपने भविष्य को लेकर मन में शंका है प्रत्येक छात्र और छात्रा में?
                                                                 
                            
क्यों पिछड़ता जा रहा है अपना भारत देश अन्य देशों की तुलना में समग्र विकास की यात्रा में?
इन सब के मुख्य जिम्मेदार सरकार में क्यों है इतना भ्रष्टाचार क्यों है इतना चोरी और बेईमानी?
जरूरी है कि इन सवालों का जवाब ढूंढा जाए एक साथ खड़े होकर अधिक से अधिक मात्रा में|
-मनस्व
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर