शरीर पर सृष्टि का हक है,
जिसको वह एक दिन ले लेगी|
बुद्धि पर भी सृष्टि का हक है,
उसको भी वह एक दिन ले लेगी|
मन पर भी सृष्टि का ही हक है,
उसको भी एक न एक दिन ले ही लेगी|
आत्मा एक दृष्टि है,
दृष्टि दृष्टा का है,
दृष्टा एकमात्र सृष्टा है,
वही सृष्टा जिसने सृष्टि की रचना की है|
-मनस्व
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