बाक़ी तो साफ़-सफ़ाई है
बस पड़ी हुई है पीक।सब ठीक।।
घबरा मत नाव न डूबेगी
बस छेद हुआ बारीक।सब ठीक।।
जीना है इन्हीं हादसों में
तू मार न ऐसे कीक।सब ठीक।।
दीखेगा साँप न तुझे कभी
बस पीटे जा तू लीक।सब ठीक।।
उसपे तेरी हर उलझन का
उत्तर है यही सटीक।सब ठीक।।
-रमेशराज
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