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पूछना था तुमसे

                
                                                         
                            पूछना था कि तुम्हारी चाहतें क्या हैं
                                                                 
                            
इस ज़िन्दगी से तुम्हारी हसरतें क्या हैं
क्या सोचकर उदास हो जाती हो तुम
बताओ के तुम्हारे दिल की राहतें क्या हैं
किन बातों से है आख़िर शिकवा तुम्हें
बोलो तुम्हारे रास्ते की मुसीबतें क्या हैं

तन्हाई के लम्हों में सोचती क्या हो
कोने में दिल के छुपाकर रखती क्या हो
यादें जब किसी की तुम्हें घायल करती हैं
कहाँ जाती हो तब और करती क्या हो
क्या सोचकर तुम उछल पड़ती हो
किसके लिए ख़ुद को सजा लेती हो
सावन से तुम्हें इतना प्यार क्यूँ है आख़िर
क्यूँ हर बारिश में ख़ुद को भिगा लेती हो

पूछना था किसी से प्यार है तुमको
क्या तुम्हारा भी दिल बेक़रार होता है
तकिए को बाँहों में भरती हो जब
किसके लिए तब दिल में प्यार होता है
जानना था तुम्हारे लिए मोहब्बत क्या है
किसी पर मरने की हमें ज़रूरत क्या है
अगर है मोहब्बत एक ख़ूबसूरत शय
फिर ज़माने को इससे दिक़्क़त क्या है

जानना था तुम्हें क्या पसन्द आता है
किन चीज़ों में तुम्हें आनन्द आता है
बताओ कहाँ जाना तुम्हें अच्छा लगता है
किस जगह का खाना तुम्हें अच्छा लगता है
बोलो कौन-सी किताब पढ़ना चाहती हो
क्या है जो तुम अभी करना चाहती हो
पूछना था कि तुम्हारी चाहतें क्या हैं
इस ज़िन्दगी से तुम्हारी हसरतें क्या हैं
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3 महीने पहले

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