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बारिशों में भीगते कागज की नाव तैराना

                
                                                         
                            चाय की चुस्कियों से दिन की शुरुआत है
                                                                 
                            
काॅफियों के प्यालियों से ये सुबह आबाद है
गिल्ली की डंडियों पर जोर वो शॉर्ट लगाना
फिसलती पगडंडियों पर हाथ से टाॅयर चलाना
आज के फैशनों में फटी जिन्स की ठाट है
सेमिनारो में ही बस भारतीय संस्कृति जिंदाबाद है।

चाय की चुस्कियों से दिन की शुरुआत है
काॅफियों के प्यालियों से ये सुबह आबाद है
लम्बे बालों का वो जोरों से कस के चोटी बनाना
खेलना मिट्टी में यारों का वो कंचों का ढेर लगाना।
अब शिकंजों में राॅबटों के अपने
जज़्बात हैं
कारों के ऊपर गर्दन निकालना बहुत ही स्मार्ट है

चाय की चुस्कियों से दिन की शुरुआत है
काॅफियों के प्यालियों से ये सुबह आबाद है
खट्टी मीठी टाॅफियों से ढेर सी खुशियाँ पाना
वो बारिशों में भीगते कागज की नाव तैराना
आज तो चाॅकलेटों का फ्रिज में होना
वाह क्या बात है!
कन्फ्यूजन काॅनसन्ट्रेशन का आभाव स्क्रीन की सौगात है।
-राकेश रंजन
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2 घंटे पहले

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