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भ्रष्ट सत्ता

                
                                                         
                            सत्ता में दलाली से बड़ा धंधा नहीं होता,
                                                                 
                            
इनसे बड़ा कोई वस्त्रहीन नहीं होता।
चुनाव आयोग से बड़ा कोई और ठग नहीं होता
अब तो आम इंसान वोट देकर रोता ।
गोदी मीडिया गुलामी कर पछपात से जीता
इस दुनियां में भक्तोँ से बड़ा कोई
अंधा नही होता।
अब तो न्यायालय का सीजेआई भी
बेज़ुबानों पर फैसला सुनाते देख हैरान होता।
सत्ता में दलाली से बड़ा धंधा नहीं होता
इनसे बड़ा कोई वस्त्रहीन नहीं होता।
ठगों की सरकार में सब कुछ
राजनीति प्रचार पब्लिसिटी होता ।
ये अत्याचारी प्रचार में ऐसा लिप्त
इन्हें अपना भ्रष्टाचार नजर नहीं आता।
विभागों में रिश्वत के बिना कही काम नहीं होता
तो कहीं कोई भी नवनिर्माण पुल
कहीं भी गिर जाता।
सत्ता में दलाली से बड़ा धंधा नहीं होता
इनसे बड़ा कोई वस्त्रहीन नहीं होता।
#भ्रष्टाचार #पब्लिसिटी #सरकार #भ्रष्ट #सत्ता
#काव्य_कटाक्ष #कटाक्ष #खरी_खरी #RealLifeStories #लेखक #राकेश_पाण्डेय
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एक वर्ष पहले

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