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बदल जाती हैं बदलते मौसम में

                
                                                         
                            वक़्त क्या पता कब
                                                                 
                            
कौन सा रास्ता पकड़ ले,
मुश्किलें किस मोड़ पे
हालातों को जकड़ लें,
हवाओं की ख़ुशबुऐं
बदल जाती हैं बदलते मौसम में,
आसमान के रंग को आज
कल के लिए परख लें.

 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक महीने पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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