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यादें कभी जुदा नहीं होतीं

                
                                                         
                            यादें कभी जुदा नहीं होतीं,
                                                                 
                            
वो साँसों के साथ चलती हैं,
हर मोड़ पर साथ देती हैं,
खामोशी में भी बोलती हैं।.. 2

अच्छी यादों के सहारे ही तो,
जीवन का सफर पूरा हो जाता है।
दर्द में भी मुस्कान मिल जाती है,
अँधेरों में भी उजाला हो जाता है।

कुछ चेहरे दिल में बस जाते हैं,
कुछ लम्हे रूह में उतर जाते हैं।
वो बातें, वो हंसी, वो अपनापन,
समय के साथ और गहरे हो जाते हैं।

बस हम सकारात्मक रहें,
हर याद को दुआ बना लें।
जो मिला उसका शुक्रिया करें,
जो बिछड़ा उसे दुआओं में रख लें।

क्योंकि यादें ही तो हैं पूंजी,
जो जीते जी कभी खत्म नहीं होतीं।
यादें कभी जुदा नहीं होतीं...
वो आखिरी साँस तक साथ निभाती हैं।

यादें कभी जुदा नहीं होतीं,
वो साँसों के साथ चलती हैं,
हर मोड़ पर साथ देती हैं,
खामोशी में भी बोलती हैं।..2
-राजेश भोजवाल 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 महीने पहले

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