वह नाबालिग है
अभी वह नाबालिग है वह
काम नही कर सकता है
कलाकार है तो कला कर सकता है
सरकश दिखा सकता है,
वह नाच सकता है,गा सकता है
मलखंभ कर पैसे कमा सकता है
पर काम नही कर सकता
वह नाबालिग है
उसके अंग कोमल है,
चोट लग सकती है,
नाजुक हाथ-पैर छिल सकता है
हा ,कोई काम नही कर सकता है
वह नाबालिग है
यदि वह गरीब हुआ तो
भीख मांग सकता है
ट्रेन में बस स्टैंड में गाँव, गली-शहर में
भीख मांग सकता है
खाने के लिए दाने नही,पहनने के लिए
कपड़े नही तो कोई बात नही
पर कमा नही सकता
वह नाबालिग है
वह नाबालिग है
नुक्कड पर बैठ,गुटका-सिगरेट पी सकता है
वह नशा कर सकता है
सौ के स्पीड से गाड़ी भगा सकता है
वह रिल्स बना सकता है ,मोबाइल पर
गेम्स खेल सकता है
मोबाइल पर कुछ भी देख सकता है
उन पर नजर नही
वह नाबालिग है
वह किसी को भी छेड़ सकता है ।
-'राजेन्द्र प्रसाद प्रजापति'
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