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जो सीरत आईंने में दिखता नहीं...

                
                                                         
                            टूटे हुए दर्पण में हमें ए -चेहरे दिखा रहें हैं!
                                                                 
                            
अपने ही दर्पण को हम से छुपा रहे हैं !
हरआईंने में नहीं दिखाती है! सूरत उस की!
देखते ही सीरत उस की पहचान लेते हैं हम!
हर शख्स की तरह नहीं हैं हम, बस देखते ही, सूरत उस की पहचान लेते हैं! हम......!
-अर्णव...
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1 सप्ताह पहले

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