सुख को ठुकराने वाला
जो सुख को लात मारने को तैयार है,
तुम उसे मजबूर करके देखो।
जिसे अपना फैसला खुद करना आता है,
तुम उसे रोककर देखो।
जिसका मन किसी बंधन में नहीं,
उसे रिश्तों की दुहाई देकर देखो।
जो खुशी से दूर जाना चाहता है,
उसे अपने पास बुलाकर देखो।
कुछ लोग साथ से नहीं,
अपनी आज़ादी से खुश रहते हैं,
उन्हें बाँधने की कोशिश मत करना,
वरना रिश्ते भी बोझ बनते हैं।
जिसे जाना है, उसे जाने दो,
जिसे रहना है, उसे दिल से रहने दो,
प्यार में ज़बरदस्ती कैसी—
जो अपना है, उसे अपना फैसला करने दो।
— रजनी
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