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कोशिश का कोई सबूत नहीं होता

                
                                                         
                            कोशिश का कोई सबूत नहीं होता
                                                                 
                            

दुर्भाग्य से यदि
आप सफल नहीं हो पाते,
तो इस बात का कोई सबूत नहीं होता
कि आपने कितनी कोशिश की थी।

दुनिया बस परिणाम देखती है,
कितनी रातें जागे,
कितनी बार टूटकर भी उठे,
कितनी बार खुद को समझाया—
इनका हिसाब कोई नहीं रखता।

और कभी कोई इंसान
सिर्फ़ एक तुक्के से,
या अनुकूल परिस्थितियों के कारण
सफल हो जाता है,
तो उसकी सफलता
उसकी पूरी कहानी मान ली जाती है।

यही तो विडंबना है—
हारने वाले की मेहनत
अक्सर अनदेखी रह जाती है,
और जीतने वाले की किस्मत भी
काबिलियत समझ ली जाती है।

इसलिए अपने प्रयास को
सिर्फ़ परिणाम से मत तौलना,
क्योंकि दुनिया भले न देख पाए,
तुम जानते हो
तुमने कितनी लड़ाई लड़ी थी।
— रजनी
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एक घंटा पहले

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