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खिचड़ी जैसे लोग

                
                                                         
                            खिचड़ी जैसे लोग
                                                                 
                            

खिचड़ी जैसे लोगों को
जब आप मटर-पनीर जैसी अहमियत देंगे,
तो वे अपनी औकात भूलकर
आपकी थाली में ही राज करेंगे।

जिन्हें साधारण रहना था,
उन्हें खास बना देंगे,
तो वे आपकी कद्र नहीं,
आपकी कमजोरी समझेंगे।

हर किसी को
उसकी जगह से ज़्यादा महत्व देना
आपकी अच्छाई नहीं,
कभी-कभी आपकी सबसे बड़ी भूल होती है।

इसलिए रिश्ते निभाइए,
मगर इतना भी मत झुकिए
कि सामने वाला
आपको ही हल्का समझने लगे।
— रजनी
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एक घंटा पहले

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