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जो बदला नहीं जा सकता, उसे स्वीकार करने में ही बुद्धिमानी है

                
                                                         
                            जब जीवन अपने मन का न करे,
                                                                 
                            
तो मन को जीवन के संग ढलना सीखो।

हर राह हमारी चाहत जैसी हो,
यह ज़रूरी तो नहीं।
कभी काँटों पर भी मुस्कुराकर,
सफ़र को सफल करना सीखो।

जो बदला नहीं जा सकता,
उसे स्वीकार करने में ही बुद्धिमानी है।
मन का बोझ उतारकर,
हर पल में नई कहानी है।

ज़िद छोड़ो, धैर्य थामो,
समय का अपना विधान है।
जो मन को जीवन के अनुरूप कर ले,
वही सच्चा इंसान है।

जीत हमेशा परिस्थितियों की नहीं,
मन की शक्ति की होती है।
जीवन से लड़ने वाला नहीं,
जीवन को अपनाने वाला ही
असल में सबसे बड़ी जीत पाता है।
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एक दिन पहले

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