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हालात से लड़ना था, एक-दूसरे से नहीं

                
                                                         
                            हालात से लड़ना था, एक-दूसरे से नहीं
                                                                 
                            

सोचा था,
हम साथ रहकर
हर हालात से मिलकर लड़ेंगे,
मुश्किल चाहे कितनी भी आए,
एक-दूसरे का हाथ थामे खड़े रहेंगे।

मगर तुम तो हालात देखकर
मुझसे ही लड़ गए,
जिसे अपना समझा था,
उसी से रास्ते बदल गए।

हालात तो आज भी वही हैं,
बस फर्क इतना है—
मैं तुम्हारे साथ खड़ी हूँ,
और तुम मेरे खिलाफ खड़े हो।

वाह रे तेरी सोच,
और वाह मेरी सोच…
मैंने रिश्ते को बचाना चाहा,
तुमने रिश्ते में ही
मुझसे लड़ना सीख लिया।
— रजनी
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एक घंटा पहले

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