एक दिन मुझे इनाम मिलेगा
एक दिन मुझे इनाम मिलेगा,
ये भरोसा है मुझे अपने ख़ुदा पर।
उसने मेरा इंतज़ार देखा है,
मेरे सब्र की हर दास्तान देखी है।
मेरी ईमानदारी की राह देखी है,
मेरे संघर्षों की गहराई देखी है।
जब दुनिया ने मुझे कमज़ोर समझा,
तब भी मैंने सच्चाई का दामन थामा।
मेरी ख़ामोशी को उसने सुना है,
मेरे हर आँसू का हिसाब रखा है।
मेरी नीयत और मेरी वफ़ा देखी है,
मेरे हर दर्द की वजह देखी है।
एक दिन वो भी मुझ पर फ़िदा होगा,
मेरे सब्र का फल मेरे सामने होगा।
जिस पुरस्कार का मुझे इंतज़ार है,
वो मेरे ख़ुदा की तरफ़ से मेरा अधिकार है।
मैंने जो सहा, वो व्यर्थ नहीं जाएगा,
मेरी सच्चाई का सूरज ज़रूर आएगा।
एक दिन मेरा ख़ुदा मुझे मेरा पुरस्कार देगा,
और मेरा हर इंतज़ार एक खूबसूरत जवाब देगा।
-रजनी
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