आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

बस हारना मत

                
                                                         
                            बस हारना मत
                                                                 
                            

घोर आनंद के लिए
घोर दुःख की आवश्यकता होती है,
क्योंकि बिना अँधेरी रात के
सुबह का उजाला
इतना सुंदर कहाँ लगता है।

दुःख आएगा,
अपनी पूरी चाल चलेगा,
आपको तोड़ने की कोशिश करेगा,
आपके धैर्य को परखेगा,
आपकी आँखों से आँसू भी बहाएगा।

पर दुःख की चाल को
सफल मत होने देना,
अपने भीतर की उम्मीद को
मरने मत देना।

रास्ते चाहे कितने कठिन हों,
समय चाहे कितना विपरीत हो,
बस एक बात याद रखना—
हारना नहीं है।

क्योंकि जो दुःख के सामने
खड़ा रहना सीख जाता है,
वही एक दिन
घोर आनंद का अर्थ समझ पाता है।

आज यदि जीवन
आपको रुला रहा है,
तो कल यही जीवन
आपको मुस्कुराने का
एक बड़ा कारण देगा।

बस चलते रहिए,
बस सहते रहिए,
बस हारिए मत—
आप जीतते जाएँगे।
— रजनी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
8 घंटे पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर