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कोरोना

                
                                                         
                            इस कोरोना ने सबको डराया,दुनिया में एसी महामारी लाया।
                                                                 
                            
ये जिंदगी क्या हैं एहसास दिलाया,अपनों का कीमत समझाया।।
काम के लिए तरसाया,दिनकर जी ने था बहोत पहले ही ये राज बताया।
फिर भी हम लोगों को समझ ना आया,हमने चाइना से कोरोना को बुलाया।।1।।
इस कोरोना ने सबको डराया,दुनिया में एसी महामारी लाया।
किसी को खाने के लिए,तो किसी को अपनों के लिए तड़पाया।।
हर भारतीय ने अपने ही घर में कैदी का जीवन बिताया।
भारत ने महानता दिखाया,इंसानियत के दुश्मनों का भी इलाज कराया।।2।।
इस कोरोना ने सबको डराया,दुनिया में एसी महामारी लाया।
अमीर गरीब सबको दाने-दाने के लिए तरसाया।।
किसान को फसल के लिए,फसल को किसान के लिए तड़पाया।
किसी ने अपने ही फसल को जलाया,तो किसी ने पशुओं को खिलाया।।3।।
इस कोरोना ने सबको डराया,दुनिया में एसी महामारी लाया।
बच्चों से पढ़ाई छुड़ाया,बड़ो को बेरोजगार बनाया।।
इस महामारी के बीच भी हर भारतीय ने एकता दिखाया।
हर भारतीय ने मिलकर भविष्य के रमन और कलाम को बचाया।।4।।
इस कोरोना ने सबको डराया,दुनिया में एसी महामारी लाया।
इस महामारी के बीच भगवान ने अपना आशीर्वाद दिखाया।।
भारतीय सैना और डॉक्टर का रूप धर हम सब को बचाया।
इस महामारी के समय भारतीय संस्कृति को ही सबने अपनाया।।5।।


- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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6 वर्ष पहले

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