दो दिन हुए हैं तुझसे बात किए बिना,
पर लगता है जैसे सदियाँ गुज़र गईं तुझे देखे बिना।
ना तेरा मैसेज, ना तेरी आवाज़ सुनाई देती है,
ये दिल हर पल बस तेरी ही दुहाई देता है।
पता नहीं कब इतना करीब आ गई तू,
मेरी हर खुशी, मेरी हर ज़रूरत बन गई तू।
अब तो आदत सी हो गई है तुझसे बात करने की,
तेरे साथ अपने हर ख्वाब को जीने की।
तू दूर है तो हर चीज़ अधूरी लगती है,
तेरे बिना ये ज़िंदगी थोड़ी मजबूरी लगती है।
सच कहूँ, तो तुझसे मोहब्बत कुछ इस कदर हो गई है,
कि तेरी कमी अब मेरी धड़कनों में उतर गई है।
मुझे नहीं पता ये इश्क़ है या तुझसे मेरी गहरी आदत,
बस इतना जानता हूँ कि तू है मेरी सबसे खूबसूरत चाहत।
तू जहाँ भी रहे, बस सलामत रहे, खुश रहे,
और जब लौटे, तो मेरे चेहरे की मुस्कान बनकर लौटे।
“मैं तुझसे दूर रहकर भी तुझसे ही जुड़ा रहता हूँ,
तू बात करे या ना करे, मैं हर पल तेरा इंतज़ार करता हूँ।”
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