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कुछ कहानी है अधूरी

                
                                                         
                            कुछ कहानी है अधूरी,
                                                                 
                            
जो अभी होनी है पूरी,
फिर भी मैं अभी रुका तो हूँ नहीं!
राह में काँटे बहुत हैं,
हौसले मेरे अडिग हैं,
गिर गया हूँ—पर अभी टूटा तो हूँ नहीं!!

मुश्किलों ने लाख रोका,
वक़्त ने हर बार टोका,
फिर भी कदमों को मैं अपने रोकता तो हूँ नहीं।
आँधियाँ चाहे चलें अब,
बिजलियाँ चाहे गिरें अब,
मैं किसी तूफ़ान से डरता तो हूँ नहीं!!

कुछ कहानी है अधूरी,
जो अभी होनी है पूरी,
फिर भी मैं अभी रुका तो हूँ नहीं!

मेरी आँखों में हैं सपने,
मेरे सपनों में हैं अपने,
इन सपनों को यूँ ही मैं मरने तो दूँगा नहीं।
आज चाहे हार मेरी,
कल विजय होगी मेरी,
मैं बिना लड़े कभी हारूँगा तो हूँ नहीं!!

जिसने मुझको कम समझा,
वक़्त ने जिसको भी परखा,
उसके आगे मैं कभी झुकता तो हूँ नहीं।
आज खामोशी है मेरी,
कल कहानी होगी मेरी,
मैं समय से पहले लेकिन थमता तो हूँ नहीं!!

राह लंबी है तो क्या है,
दूर मंज़िल है तो क्या है,
एक दिन मंज़िल को अपने पास लाऊँगा।
आज जितना दर्द सहना,
कल उतना ही गर्व कहना—
मैं गिरा था, पर उठकर फिर चला था...
और चलता ही चला जाऊँगा!!

कुछ कहानी है अधूरी,
जो अभी होनी है पूरी,
फिर भी मैं अभी रुका तो हूँ नहीं!
साँस बाकी है तो लड़ना,
हार के आगे न झुकना,
मैं अभी हारा तो हूँ नहीं...
मैं अभी हारा तो हूँ नहीं!!
- राजन सोनी
 
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2 घंटे पहले

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