माना कि तुमसे मिल पाना बहुत मुश्किल तो है,
फिर भी मेरे सीने में धड़कता हुआ दिल तो है।
फ़ासले चाहे जितने हों दरमियाँ हमारे,
तेरी यादों में अभी बाकी मेरी मंज़िल तो है।
किस्मतों ने भले खींच दी हों जुदाई की लकीरें,
मेरा दिल आज भी तेरी मोहब्बत के क़ाबिल तो है।
लोग कहते हैं भुला दूं तुम्हें बीते कल की तरह,
क्या करें, मेरी यादों में तेरी हर ख़ुशी शामिल तो है।
तुमसे मिलने की तमन्ना दिल में दबाए बैठे हैं,
मेरी आँखों में अभी ख़्वाबों की महफ़िल तो है।
रात तन्हा हो तो चाँद से तेरा ज़िक्र करें,
मेरी साँसों में तेरी यादों की झिलमिल तो है।
तुमसे बिछड़कर भी तुम्हें भूलना आसान कहां,
दिल को अब भी तेरे मिलने की मंज़िल तो है।
मुकम्मल हो न हो इश्क़, इसका शिकवा क्या करें,
तेरी चाहत ही मेरे जीने का हासिल तो है।
‘राज’ तू दूर होकर भी दिल से दूर कहाँ हुआ,
मेरी हर धड़कन में तेरा नाम शामिल तो है।
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