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युक्ति...

                
                                                         
                            ठंडी ठंडी
                                                                 
                            
हवा चल रही

सारी यादें
एक एक कर धुल रहीं

सब कुछ के लिए...
धन्यवाद भगवान जी

मैं करूं....
मन लगा कर पढ़ाई!

और,
नित आपकी भक्ति 

कुछ ना कुछ
हो ही जाएगा...

मैं मज़ा...
ख़राब ना करूं राज़ का

मैं ख़िताब...
देखा करूं रोज़ आज का

-राहुल


.
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2 महीने पहले

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