लिखने की
मनाही है
अनबन के लिए...
नहीं, स्याही राज़ी है
अनदेखा करना...
वो क्या चीज़ है?
वक़्त की
एक एक बूंद... इन दिनों अज़ीज़ है!
जाऊं...
सर नवा के आऊं
भगवान को
कि कुछ और,
दिनों की तन्हाई...
सांसों की तपाई...
आसान हो 🙏
मुझे नहीं, लोगों की,
सराहना से मतलब!
पर, मेरी रोज़ी से ही,
उनके होंगे बंद लब :(
कर सकूं
जो भी करतब...
होती दिखे
जिंद की करवट...
लाऊं,
झूठ की मुस्कान तुरंत 🙂
अपने सुरक्षित होने का... हो चैन
-राहुल
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