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                            सारी बुरी आदतें...
                                                                 
                            
छोड़ रहा हूं

मैं विश्वास, लगन से
जुड़ रहा हूं 

मुझे
ख़ुद पर भरोसा है!

मेरे ही अंदर सोना है!

सिर्फ़ दिन के लक्ष्य दिखाई देते हैं मुझे
चाहे जो वार्तालाप सन सन करती रहे

हर बुरी चीज़
छोड़ रहा हूं!

मैं अपने उज्जवल भविष्य की
नींव रख रहा हूं

सबसे माफ़ी चाहता हूं

अब, कभी नहीं करूंगा...
गुनाह... फिरसे वो

अब, कभी नहीं लिखूंगा...
सलाह... फिरसे यूं

भगवान,
आशीर्वाद दो 🙏

मैं अपने सफ़र में
कामयाब होऊं

-राहुल




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3 महीने पहले

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