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फ्री फ्लो

                
                                                         
                            कोई तो बात आए लब पे
                                                                 
                            

बिखर रहा हूं...
फिर भी मानने को तैयार नहीं हूं

बे-वजह की परीक्षा लेना...
भगवान क्या है ये

लगता है
भूलना पड़ेगा :(

पर, मुझे, भुलाना आता कहां!

जो अवसर वर्तमान में है...
केवल उसपे ध्यान दूं?

सही कदम तो यही होगा...

सिर्फ़
एक महीना है

एग्जाम की
अच्छी तैयारी करने वाले बच्चे...

कम-से-कम दो हज़ार...

सीटें,
बीस-बाईस...

राहुल,
बहुत बहुत 'बहुत' मेहनत करनी पड़ेगी!!!

सेहत, सही नहीं है... तो सेहत दुरुस्त करनी पड़ेगी!

डॉक्टर साहब के यहां फेरी लगानी पड़े... तो जा कर आओ भाई!

कौन मानेगा
कि मैं एक और एग्जाम में अवसर मिलने के लिए...

गुहार लगा रहा था

कि थोड़ी संभावना बढ़ जाए... नौकरी लगने की...

एक तो सबसे कटके भी...
लोगों के ख़याल घेरे रहते हैं

ये लेखक बनने की चाहत...
मेरे गले पड़ गई है

अपना सर्वोच्च नहीं दे रहा हूं... इस बात का दुख है...

दुख ही दुख है, हर समय दुख है 

पर करते हैं
आख़िर तक... लड़ने के उद्देश्य के साथ!

कुछ तो देंगे भोलेनाथ


.
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एक महीने पहले

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