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वो मेरा था...

रास्ता...
अब ढूंढना पड़ेगा!

पारिणाम,
देख...

चीज़ें बदलती हैं!

पर,
तब तक यात्रा...

अकेले की है 😐

आज के दिन के...
मेरे लक्ष्य क्या हैं?

अभी तक वो काम...
क्यों अधूरा है?

जाऊं...
पहले वो काम पूरा करूं!

आके, दुखों का...
रोना रोऊं

फ़ुर्सत हो...
कहीं का कोना पकड़ूं

-राहुल



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एक घंटा पहले

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