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बार बार

                
                                                         
                            मुझे नहीं सोचना
                                                                 
                            
किसी के बारे में

बस, हम,
ज़्यादा ही उनकी मदद करें...

बदले में...

और कैसे
रिश्तों को समझूं?

कुछ से
बिलकुल से नाता तोड़ूं

अपनी खामियां पता हैं मुझे

नहीं अकड़ में रहेंगे...
बल्कि उनपे काम ही करेंगे

एक हफ्ते का
और नुकसान सही

बेताब मैं,
कब तन्हाई...
परेशान करने आएगी!

भगवान,
माफ़ कर देना 

ये जतन मेरे...
मुझे बस आराम पाना

-राहुल


.
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40 मिनट पहले

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