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सुबह सुबह से क्या मलाल कहूं...

                
                                                         
                            भगवान
                                                                 
                            
मदद कर दो मेरी

परेशान,
से परेशानी बतायी नहीं जा रही

चित्रों ने
गजब बहकाया :(

मित्रों ने
हल्का हाथ थामा

सुबह सुबह से क्या मलाल कहूं...

सोच सोच के क्या बुरे हाल लिखूं...

जाऊं...
हवा में घूम वूम आऊं... 

पाऊं,
ज़रा से फिर, फासले को

-राहुल



.
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8 घंटे पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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