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उस जैसा कोई और नहीं हो सकता

                
                                                         
                            उस जैसा कोई और नहीं हो सकता,
                                                                 
                            
दिन में अंधेरा हो सकता है मगर चाँद नहीं हो सकता,
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सोचता हूँ हर पल उसे ही मैं,
लोग मुझसे कहते है तेरा कुछ नहीं हो सकता,
.
हाथ थामा था बीच सड़क पर उसने मेरा,
कैसे कोई खुली आँखो से ख़्वाब में नहीं हो सकता,
.
होने को तो आज ही मेरा हो जाए वो,
उसे आँखे पढ़नी नहीं आती मुझसे इज़हार नहीं हो सकता।
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2 महीने पहले

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