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तेरे बाद अधूरा ही रहा मैं

                
                                                         
                            तेरे बाद अधूरा ही रहा मैं,
                                                                 
                            
आज़ाद होकर भी तेरी क़ैद में रहा मैं ।
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तुझे भूलने का मशवरा देते है दोस्त,
इसीलिए शाम को घर पर ही रहा मैं ।
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एक तेरी यादें है जो सोने नहीं देती,
बेवज़ह रातो को कोसता रहा मैं ।
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इश्क़, शायरी, और सरकारी नौकरी,
हर जगह नाकामयाब रहा मैं ।
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2 महीने पहले

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