दूर हूँ के पास हूँ
तुम अकेली नहीं सखी, मैं तुम्हारे साथ हूँ
तुम्हारी मुश्किलों को मैं भी समझती हूँ
तुम्हारी तकलीफ़ अनुभव कर सकती हूँ
तुम्हारे अनकहे शब्दों में छिपे दर्द को
आँखों में छिपे मर्म को देख सकती हूँ
दूर हूँ के पास हूँ
तुम अकेली नहीं सखी
मैं तुम्हारे साथ हूँ ।
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