उसे मौन मत होने दो, वह तुम्हारे घर की रौनक है।
उसे शांत मत होने दो, वह तुम्हारे घर की खनक है।
उसे चुप मत होने दो, वह तुम्हारे घर की गज़ल है।
उसे खामोश मत होने दो, वह तुम्हारे घर की तरन है।
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