वो जो मिला है उसे गम में जाया न कर
दूसरों को मिली सौगातों को देख ,
खुद को खुद से पराया न कर
बहुत चांद भी है रौशनी का दावा करने वाले
तू ऐतबार रख उस आफ़ताब पर
जुगनुओं की आस में उसे भुलाया न कर ।
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