मैं आगे आगे चलूँगा, तुम मेरे पीछे आना
तेरा हर दुख दर्द अपने नाम कर लेंगे
ना भीड़ की, ना महफिल की, ना बाजा बाराती की
हर एक को जरूरत है, यहां एक अच्छे साथी की
मेरी तुम से यही गुजारिश है, तुम हर पल मुस्कुराना
तेरा हर दुख दर्द अपने नाम कर लेंगे
दुनिया का हर गम सह लूंगा, सह लूंगा हर रुस्वाई
पर मुझसे सही ना जाएगी, बस एक तेरी जुदाई
मैं हूं तैयार, जब चाहे तुम मुझको आजमाना
तेरा हर दुख दर्द अपने नाम कर लेंगे
चाहे जितनी बड़ी मुश्किल हो, चाहे जितना बड़ा हो तूफ़ान
जब तक मैं हूं तेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा मेरी जान
हर हद से गुजर जाएगा तेरे लिए तेरा दीवाना
तेरा हर दुख दर्द अपने नाम कर लेंगे
-रविन्द्र अमन
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