आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

फिर तो स्वर्ग से सुंदर हो जाए अपना संसार

                
                                                         
                            जिंदगी के हर रंग में हम ने लाया है निखार
                                                                 
                            
बस हमने एक काम किया है,
हर रंग में में हमने मिलाया है थोड़ा प्यार

हमारे पास भी गम आता है ,
हमारे पास भी आती है मजबूरी
पर मैं इस बात को समझता हूं बहुत जरूरी
हमको चाहे जो मिले,हँस कर करता हूं स्वीकार
हर रंग में हमने मिलाया है थोड़ा प्यार

कब आएगा सावन,कब तक रहूंगा प्यासा
जाने कब कौन आये ,मै अपने दिल को नहीं
देता हूं झूठा दिलासा
जब चाहे जो आए,सबको मेरा स्वागत है
मैं तहे दिल से सबका करता हूं इंतजार
हर रंग में हमने मिलाया है थोड़ा प्यार

हमको चैन नहीं, ना हमको है आराम
एक मंजिल की तलाश है ,
मैं ढूंढता हूँ एक ऐसा मुकाम ,
एक नफरत जो मिट जाए
फिर तो स्वर्ग से सुंदर हो जाए अपना संसार
हर रंग में हमने मिलाया है थोड़ा प्यार

जिंदगी के हर रंग में में हमने लाया है निखार
बस एक काम हमने किया है
हर रंग में हमने मिलाया है थोड़ा प्यार
-रविन्द्र अमन
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर