जिंदगी के हर रंग में हम ने लाया है निखार
बस हमने एक काम किया है,
हर रंग में में हमने मिलाया है थोड़ा प्यार
हमारे पास भी गम आता है ,
हमारे पास भी आती है मजबूरी
पर मैं इस बात को समझता हूं बहुत जरूरी
हमको चाहे जो मिले,हँस कर करता हूं स्वीकार
हर रंग में हमने मिलाया है थोड़ा प्यार
कब आएगा सावन,कब तक रहूंगा प्यासा
जाने कब कौन आये ,मै अपने दिल को नहीं
देता हूं झूठा दिलासा
जब चाहे जो आए,सबको मेरा स्वागत है
मैं तहे दिल से सबका करता हूं इंतजार
हर रंग में हमने मिलाया है थोड़ा प्यार
हमको चैन नहीं, ना हमको है आराम
एक मंजिल की तलाश है ,
मैं ढूंढता हूँ एक ऐसा मुकाम ,
एक नफरत जो मिट जाए
फिर तो स्वर्ग से सुंदर हो जाए अपना संसार
हर रंग में हमने मिलाया है थोड़ा प्यार
जिंदगी के हर रंग में में हमने लाया है निखार
बस एक काम हमने किया है
हर रंग में हमने मिलाया है थोड़ा प्यार
-रविन्द्र अमन
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