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फिर से हम मिलेंगे

                
                                                         
                            तेरे प्यार में मुझको इतना कुछ मिला है
                                                                 
                            
उम्र भर के लिए मैं धनवान हो गया हूं

तेरे प्यार का ये कैसा है सुरूर ,
बिन पिए रहता है शराब - सा नशा

यह दुनिया चाहे जितनी रंगीन हो
तेरे प्यार का रंग हर रंग से जुदा है

बिन मेरा बोले तेरा हर कुछ समझ लेना ,
तेरा यह हुनर काबिले तारीफ था

तुम शायद मुझको भूल जाओ
जब तक जिस्म में जान है मैं तुझको ना भूल पाऊंगा

याद है मुझको तेरा वो इंतजार
जब भी हम मिले, मिला मुझको तेरा हंसता हुआ चेहरा

तेरा प्यार मासूम था , जैसे कोई काली
मेरा प्यार भी किसी गुलाब सा हसीं था

रख दिया था ताक पर इस जमाने का दस्तूर
तेरा मुझसे मिलना खतरों से खेलना था

प्यार करने वाले हर हद से गुजर जाते है ,
याद है मुझको तूने एक बार हँस कर ये कहा था

आज मैं तुझसे मिल ना पाऊं, कुछ मेरी मजबूरी है
पर आज भी मैं हूं, वही तेरा दीवाना

मर कर अगर हम जुदा हुए तो,मेरा दिल यह कहता है
फिर से हम जनम लेंगे, फिर से हम मिलेंगे
-रविन्द्र अमन
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एक घंटा पहले

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