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मजा लीजिए जीने का थोड़ा थोड़ा

                
                                                         
                            बड़ी तेज है भईया इस जीवन की रफ्तार
                                                                 
                            
देखो थक कर मत टूट जाना मेरे यार
जरा चल धीरे धीरे ए मेरे मन का घोड़ा
मजा लीजिए जीने का थोड़ा थोड़ा

कुछ पाने की तपिश में कहीं जाए ना जल
खड़ा किया है ये जो तूने अपने सपनों का महल
तेरे संग कहीं ऐसा वैसा ना हो जाए
जिसके लिए पाई पाई तू ने जोड़ा
मजा लीजिए जीने का थोड़ा थोड़ा

तेरे पास क्या है ,शिकवा गिला है
इस जमाने से तुझको अभी तक क्या मिला है
आंखों में तेरी आसूं का सैलाब है
आखिर किस लिए तूने खुद को इतना तोड़ा
मजा लीजिए जीने का थोड़ा थोड़ा

तुझसे तेरे अपने नजर है चुराते,
तू सब को देखता है आते जाते
जिसके लिए तूने सब को ठुकराया
पर वो तेरे कोई काम ना आया
हाथ लगा ना तेरे कुछ भी,
जिसके लिए तू ने सबसे मुख मोड़ा
मजा लीजिए जीने का थोड़ा थोड़ा

कुछ सिखा है बंदा सब अपना लूटा के
हर तरफ वीरान है,जब देखा है अपनी नजरें उठा के
लौटा है एक परिंदा अपने चमन को
इस दुनिया से हार के
घर आया है अपने "अमन ' दौड़ा दौड़ा
मजा लीजिए जीने का थोड़ा थोड़ा
-रविन्द्र अमन
 
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4 hours ago

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