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इस गीत को तुझको गाना है

                
                                                         
                            बहुत टूटकर हमने लिखा है एक प्यार का गीत
                                                                 
                            
इसे तुम गाओ, अब मेरी उम्र कहां है गाने की
हमने बस इसे लिखा है ,
इस गीत को तुझको गाना है

हमने भी देखे है वो फूलों का मौसम
अब कहां है वो बहार ,कहां वो रंगीन जमाना है

किसके साथ कब क्या होगा ,
यह समय समय की बात है
आज तुम्हारा दिल किसी पर आया है
आज तुम्हारा दिल दीवाना है

अब मैं क्यों कोई चाहत रखूँ,
क्यों किसी के लिए मरूँ
तुम रखो बचाके अपनी आंखों में चमक
अभी तुझको बहुत कुछ पाना है

इस गीत में कुछ दर्द है
शायद तुम ना इसे महसूस करो
जिस दर्द की बात हम कहते है
वो दर्द भी बहुत पुराना है

तुझसे पहले भी इस राह से कोई गुजरा है
यह सोचकर तुझको हम पर तरस खाना है

हम तो बस मदारी हैं, कुछ करेंगे तमाशा
तुम तो वीर- धीर हो, तुझको जौहर दिखाना है

हम तो बहुत जले है जल कर राख हो गए हैं
अब तुम सोचो खुद को कैसे जलाना है

इस जीवन के अनेक सूर हैं,
हर सूर में तुझको सूर मिलाना है
बहुत टूटकर हमने लिखा है एक प्यार का गीत
इसे तुम गाओ, अब मेरी उम्र कहां है गाने की
हमने बस इसे लिखा है ,
इस गीत को तुझको गाना है
-रविन्द्र अमन
 
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एक घंटा पहले

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