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हम तो झूलेंगे तेरी बाहों के झूले में

                
                                                         
                            अभी से हमने कर ली है तैयारी
                                                                 
                            
तुम क्या करोगे, तुम बतलाओ अब है तुम्हारी बारी
आने वाला है सावन,जब आयेगा सावन
हम तो झूलेंगे तेरी बाहों के झूले में
खुशियों से महकेगा ये अपना घर आंगन
हम तो झूलेंगे तेरी बाहों के झूले में

कुछ पल के लिए सही हम हर गम भूल जाएंगे
गीत मिलन के तुझ संग हम मिलकर गायेंगे
फूल सा खिल जाएगा सावन में अपना जीवन
हम तो झूलेंगे तेरी बाहों के झूले में

हर मौसम आए जाए , मुश्किल से सावन आए
सावन में तुझ बिन साजन एक पल रहा ना जाये
सावन में भर देना अपने प्यार से मेरा दामन
हम तो झूलेंगे तेरी बाहों के झूले में

कब क्या होगा तुझको होगी ना खबर
चुपके से धीरे से तेरे दिल में जायेंगे उतर
सज के संवर के बन जाएंगे तेरे लिए नयी नवेली दुल्हन
हम तो झूलेंगे तेरी बाहों के झूले में
-रविन्द्र अमन
 
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3 महीने पहले

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