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हम भी जादूगर हैं

                
                                                         
                            ऐ जिंदगी चाहे जितना आजमाले हमको तू
                                                                 
                            
हम भी जादूगर हैं,चला देंगे अपना जादू

हम पर मत दिखाना तुम अपना तेवर
तबाही की आग में, कई बार जला है मेरा घर

हमको मत चुभना तू बनकर कोई शूल
काँटों की विरासत में खिले हैं, हम है वो फूल

अगर तुम्हारी कोई बुरी मंशा हो तो,
तुम जाओ कहीं और
हम पर नहीं चलेगा तेरा कोई जोर

हम चलते हैं अपनी राह,
कुछ हमारा है उसूल ,
हमसे कोई सहमत हो तो ,
हम उसे करते है कबूल

लाख आंखों में पानी है,
चाहे जैसी हो हाथों की रेखा
हमने अपने हिसाब से इस दुनिया को है देखा

मुफ़्त में किसी का दिया कुछ लेते नहीं,
चाहे हो जाए फकीर
हम अपने हाथों लिखेगे अपनी तकदीर

कश्ती भी तुम्हारी, सागर भी तुम्हारा है
पर किसी भी हाल में, हमको झुकना नही गवारा है
-रविन्द्र अमन
 
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एक महीने पहले

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