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हिम्मत से आगे बढ़ना

                
                                                         
                            ।। हिम्मत कर आगे बढ़ना- 1
                                                                 
                            
चलते-चलते पांव थके हों
आँखों से आँसू बहते हों
धूमिल हों सारी उम्मीदें
दिल से आह निकलती हो ।।

मन चिंतित हो मचल रहा हो
क्षत-विक्षत दिल दहल रहा हो
कभी ना मन को छोटा करना ।
तुम हिम्मत कर आगे बढ़ना ।।

तानों के तीर बरसते हों
बाण व्यंग्य के चलते हों
चहुंओर निराशा छाई हो ।
रुसवाई हो, तन्हाई हो ।।

बिखर गए हों ख्वाब तुम्हारे
सूनी हों जीवन की राहें
कभी ना मन धूमिल करना ।
तुम हिम्मत कर आगे बढ़ना ।।
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एक घंटा पहले

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