उम्मीद अभी बाकी है
जब राहों में काँटे मिलें,
तो फूलों की चाह मत छोड़ना,
जब अपने ही रूठ जाएँ,
तो रिश्तों का हाथ मत छोड़ना।
वक़्त अगर मुश्किल दे तुमको,
तो हिम्मत से उसे सह जाना,
आँखों में आँसू आ जाएँ तो,
चुपके से मुस्कुरा जाना।
हर रात के बाद सवेरा है,
हर दर्द का एक किनारा है,
जो आज तुम्हें तन्हा लगता है,
कल वही पल सबसे प्यारा है।
कुछ सपने टूट भी जाएँ,
तो सपने देखना मत छोड़ना,
किस्मत चाहे जितना आज़माए,
खुद पर विश्वास करना मत छोड़ना।
ज़िंदगी एक खुली किताब है,
हर पन्ना कुछ कह जाता है,
जो गिरकर फिर उठ जाता है,
वही इंसान आगे बढ़ पाता है।
तो चलो आज ये वादा करें,
ग़म को दिल में घर न देंगे,
चाहे कितनी भी कठिन हो राह,
उम्मीद का दीप बुझने न देंगे।
— ख़ुशी कुरैशी
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