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भेदभाव क्यों सहते हैं

                
                                                         
                            भेदभाव क्यों सहते हैं =
                                                                 
                            
भारत देश गुलिश्ता है,यहाँ हर बच्चा फरिश्ता है।
आजादी का किस्सा है,फांसी का भी किस्सा है।
नारी खड़ी मैदान में,लेकर हाथ तलवार है।
वो झाँसी की रानी है,पढ़ते सभी कहानी हैं।
भारत में तो वो अंग्रेज थे,अपना न हो अंग्रेज भेष में।
कोय छला न जाए यहाँ,गीता कसम खाएं जहाँ।
राम को प्रभु कहते हैं,सीता को माँ कहते हैं।
सब जब मिलकर रहते हैं,भेदभाव क्यों सहते हैं।
सैनिक लड़ते सीमा पर,युवा लड़ते हैं संसद पर।
जो भविष्य हैं इस देश का,कौन विचार करे उन पर।
इमारतों का विकास कम हो,सुने जनता का दर्द कोय तो।
प्रश्नों के बदले मार मिलेगी,शांति के पथ पर मार मिलेगी।
छोड़कर गाँधी का रस्ता वो,फिर पढ़ेंगे वे भगत सिँह को।
हर कोई उसे बड़ा मानेगा,जो समस्या जनता की जानेगा।
-पूनम पाठक
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3 महीने पहले

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