इससे पहले कि आकर नशा कुछ करे
हम चलो कुछ करें ,हम चलो कुछ करें।
कितने इंसान इसके चंगुल में हैं
कितने घर रोज़ इसकी अग्नि में जले।
कितने परिवार ,कितने ही रिश्ते डसे
हम नशे को पि छाड़ें चलो कुछ करें।
हर तरफ दिख रहा है इसका जहर
सोच के अमृत बिंदु चलो ले चलें।
इससे पहले कि सब कुछ नशे में जले
संस्कृतियाँ पतित हो के मिटने लगें
कुछ कदम सार्थक ,कुछ कदम हम चलें
हर कदम दृढ़ता से आगे बढ़ें।
एक दृढ़ सोच से जीत जायेंगे हम
नशे की प्रवृत्ति छुड़ाएंगे हम ,
हो नशा मुक्त भारत ,नशा मुक्त हो
हर कदम इस दिशा में बढ़ाएंगे हम।
उदघोष है ये ,यही जोश है
हो नशा मुक्त भारत यही सोच है।
आने वाली जो पीढ़ी बचाएंगे हम
नशे के तिमिर को भगाएंगे हम।
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