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राधे मेरी स्वामिनी

                
                                                         
                            राधे मेरी स्वामिनी मैं राधे का दास ।
                                                                 
                            
अगले जन्म मोहे दिजिए वृंदावन हो वास ।।
राधे है हर कण कण में कान्हा है हर क्षण में ।
दिल में है मेरी राधिका कान्हा है धड़कन में ।।
राधे राधे मैं कहुं नित सुबह हो या शाम ।
कृष्ण राधिका के चरणों में बारम्बार प्रणाम।।
कृष्ण की बंसी बजे है वृंदावन के घाट में।
राधे राधे ही कहे हर सुर में हर साज में।।
राधे ही कृष्ण है कृष्ण में राधे समाये।
देखु मैं जाहां भी राधे कृष्ण नजर आए।।
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35 मिनट पहले

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