खुद का कितने हिस्सों में,
अलगाव करुं मैं, अगर
एक से भी बिछडुं तो
दिल में एक गहरा घाव करुं मैं ।।
-प्रीति गौतम .
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X